ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 20सूक्त 8282.1अथर्ववेद 82.1यदि॑न्द्र॒ याव॑त॒स्त्वमे॒ताव॑द॒हमीशी॑य । स्तो॒तार॒मिद् दि॑धिषेय रदावसो॒ न पा॑प॒त्वाय॑ रासीय ॥१॥अगलापूरा अध्याय