Utshovऐप डाउनलोड करें

अथर्ववेद 65.3

यस्यामि॑तानि वी॒र्या॒ न राधः॒ पर्ये॑तवे । ज्योति॒र्न विश्व॑म॒भ्यस्ति॒ दक्षि॑णा ॥३॥

पूरा अध्याय