ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 20सूक्त 6363.7अथर्ववेद 63.7य इ॑न्द्र सोम॒पात॑मो॒ मदः॑ शविष्ठ॒ चेत॑ति । येना॒ हंसि॒ न्य॑१त्त्रिणं॒ तमी॑महे ॥७॥पिछलाअगलापूरा अध्याय