ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 20सूक्त 6262.8अथर्ववेद 62.8तम्व॒भि प्र गा॑यत पुरुहू॒तं पु॑रुष्टु॒तम्। इन्द्रं॑ गी॒र्भिस्त॑वि॒षमा वि॑वासत ॥८॥पिछलाअगलापूरा अध्याय