ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 20सूक्त 6161.4अथर्ववेद 61.4तम्व॒भि प्र गा॑यत पुरुहू॒तं पु॑रुष्टु॒तम् । इन्द्रं॑ गी॒र्भिस्त॑वि॒षमा वि॑वासत ॥४॥पिछलाअगलापूरा अध्याय