ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 20सूक्त 6060.1अथर्ववेद 60.1ए॒वा ह्यसि॑ वीर॒युरे॒वा शूर॑ उ॒त स्थि॒रः । ए॒वा ते॒ राध्यं॒ मनः॑ ॥१॥अगलापूरा अध्याय