ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 20सूक्त 66.8अथर्ववेद 6.8अ॒र्वा॒वतो॑ न॒ आ ग॑हि परा॒वत॑श्च वृत्रहन्। इ॒मा जु॑षस्व नो॒ गिरः॑ ॥८॥पिछलाअगलापूरा अध्याय