ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 20सूक्त 66.3अथर्ववेद 6.3इन्द्र॒ प्र णो॑ धि॒तावा॑नं य॒ज्ञं विश्वे॑भिर्दे॒वेभिः॑। ति॒र स्त॑वान विश्पते ॥३॥पिछलाअगलापूरा अध्याय