ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 20सूक्त 5858.1अथर्ववेद 58.1श्राय॑न्त इव॒ सूर्यं॒ विश्वेदिन्द्र॑स्य भक्षत । वसू॑नि जा॒ते जन॑मान॒ ओज॑सा॒ प्रति॑ भा॒गं न दी॑धिम ॥१॥अगलापूरा अध्याय