ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 20सूक्त 5656.1अथर्ववेद 56.1इन्द्रो॒ मदा॑य वावृधे॒ शव॑से वृत्र॒हा नृभिः॑ । तमिन्म॒हत्स्वा॒जिषू॒तेमर्भे॑ हवामहे॒ स वाजे॑षु॒ प्र नो॑ऽविषत् ॥१॥अगलापूरा अध्याय