ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 20सूक्त 4747.6अथर्ववेद 47.6इन्द्रो॑ दी॒र्घाय॒ चक्ष॑स॒ आ सूर्यं॑ रोहयद् दि॒वि। वि गोभि॒रद्रि॑मैरयत् ॥६॥पिछलाअगलापूरा अध्याय