ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 20सूक्त 4545.1अथर्ववेद 45.1अ॒यमु॑ ते॒ सम॑तसि क॒पोत॑ इव गर्भ॒धिम्। वच॒स्तच्चि॑न्न ओहसे ॥१॥अगलापूरा अध्याय