ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 20सूक्त 44.2अथर्ववेद 4.2आ ते॑ सिञ्चामि कु॒क्ष्योरनु॒ गात्रा॒ वि धा॑वतु । गृ॒भा॒य जि॒ह्वया॒ मधु॑ ॥२॥पिछलाअगलापूरा अध्याय