ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 20सूक्त 3838.6अथर्ववेद 38.6इन्द्रो॑ दी॒र्घाय॒ चक्ष॑स॒ आ सूर्यं॑ रोहयद् दि॒वि। वि गोभि॒रद्रि॑मैरयत् ॥६॥पिछलापूरा अध्याय