Utshovऐप डाउनलोड करें

अथर्ववेद 37.11

नू इ॑न्द्र शूर॒ स्तव॑मान ऊ॒ती ब्रह्म॑जूतस्त॒न्वा वावृधस्व ।
उप॑ नो॒ वाजा॑न् मिमी॒ह्युप॒ स्ती॑न् यू॒यं पा॑त स्व॒स्तिभिः॒ सदा॑ नः ॥११॥

पूरा अध्याय