ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 20सूक्त 2727.3अथर्ववेद 27.3धे॒नुष्ट॑ इन्द्र सू॒नृता॒ यज॑मानाय सुन्व॒ते। गामश्वं॑ पि॒प्युषी॑ दुहे ॥३॥पिछलाअगलापूरा अध्याय