ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 20सूक्त 2323.7अथर्ववेद 23.7व॒यमि॑न्द्र त्वा॒यवो॑ ह॒विष्म॑न्तो जरामहे । उ॒त त्वम॑स्म॒युर्व॑सो ॥७॥पिछलाअगलापूरा अध्याय