Utshovऐप डाउनलोड करें

अथर्ववेद 139.5

यद॒प्सु यद्वन॒स्पतौ॒ यदोष॑धीषु पुरुदंससा कृ॒तम्। तेन॑ माविष्टमश्विना ॥५॥

पूरा अध्याय