ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 20सूक्त 138138.1अथर्ववेद 138.1म॒हाँ इन्द्रो॒ य ओज॑सा प॒र्जन्यो॑ वृष्टि॒माँ इ॑व । स्तोमै॑र्व॒त्सस्य॑ वावृधे ॥१॥अगलापूरा अध्याय