ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 20सूक्त 135135.11अथर्ववेद 135.11त्वमि॑न्द्र श॒र्मरि॑णा ह॒व्यं पारा॑वतेभ्यः । विप्रा॑य स्तुव॒ते व॑सु॒वनिं॑ दुरश्रव॒से व॑ह ॥११॥पिछलाअगलापूरा अध्याय