ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 20सूक्त 133133.6अथर्ववेद 133.6अव॑श्लक्ष्ण॒मिव॑ भ्रंशद॒न्तर्लोममति॑ ह्र॒दे। न वै॑ कुमारि॒ तत्तथा॒ यथा॑ कुमारि॒ मन्य॑से ॥६॥पिछलापूरा अध्याय