ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 20सूक्त 116116.2अथर्ववेद 116.2अम॑न्म॒हीद॑ना॒शवो॑ऽनु॒ग्रास॑श्च वृत्रहन्। सु॒कृत्सु ते॑ मह॒ता शू॑र॒ राध॒सानु॒ स्तोमं॑ मुदीमहि ॥२॥पिछलापूरा अध्याय