ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 20सूक्त 104104.1अथर्ववेद 104.1इ॒मा उ॑ त्वा पुरूवसो॒ गिरो॑ वर्धन्तु॒ या मम॑ । पा॒व॒कव॑र्णाः॒ शुच॑यो विप॒श्चितो॒ऽभि स्तोमै॑रनूषत ॥१॥अगलापूरा अध्याय