ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 20सूक्त 100100.2अथर्ववेद 100.2वार्ण त्वा॑ य॒व्याभि॒र्वर्ध॑न्ति शूर॒ ब्रह्मा॑णि । वा॒वृ॒ध्वांसं॑ चिदद्रिवो दि॒वेदि॑वे ॥२॥पिछलाअगलापूरा अध्याय