सूक्त 67
67.1
दीर्घायुत्वम्। १-८ ब्रह्मा। सूर्यः। प्राजापत्या गायत्री।
पश्ये॑म श॒रदः॑ श॒तम् ॥१॥
67.2
जीवे॑म श॒रदः॑ श॒तम् ॥२॥
67.3
बुध्ये॑म श॒रदः॑ श॒तम् ॥३॥
67.4
रोहे॑म श॒रदः॑ श॒तम् ॥४॥
67.5
पूषे॑म श॒रदः॑ श॒तम् ॥५॥
67.6
भवे॑म श॒रदः॑ श॒तम् ॥६॥
67.7
भूये॑म श॒रदः॑ श॒तम् ॥७॥
67.8
भूय॑सीः श॒रदः॑ श॒तात् ॥८॥