ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 19सूक्त 5151.2अथर्ववेद 51.2दे॒वस्य॑ त्वा सवि॒तुः प्र॑स॒वेऽश्विनो॑र्बा॒हुभ्यां॑ पू॒ष्णो हस्ता॑भ्यां॒ प्रसू॑त॒ आ र॑भे ॥२॥पिछलापूरा अध्याय