ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 19सूक्त 3737.2अथर्ववेद 37.2वर्च॒ आ धे॑हि मे त॒न्वां॒३ सह॒ ओजो॒ वयो॒ बल॑म्। इ॒न्द्रि॒याय॑ त्वा॒ कर्म॑णे वी॒र्याय॒ प्रति॑ गृह्णामि श॒तशा॑रदाय ॥२॥पिछलाअगलापूरा अध्याय