ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 19सूक्त 3232.3अथर्ववेद 32.3दि॒वि ते॒ तूल॑मोषधे पृथि॒व्याम॑सि॒ निष्ठि॑तः । त्वया॑ स॒हस्र॑काण्डे॒नायुः॒ प्र व॑र्धयामहे ॥३॥पिछलाअगलापूरा अध्याय