Utshovऐप डाउनलोड करें

अथर्ववेद 24.1

येन॑ दे॒वं स॑वि॒तारं॒ परि॑ दे॒वा अधा॑रयन्।
तेने॒मं ब्र॑ह्मणस्पते॒ परि॑ रा॒ष्ट्राय॑ धत्तन ॥१॥

पूरा अध्याय