ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 19सूक्त 11.2अथर्ववेद 1.2इ॒मं होमा॑ य॒ज्ञम॑वते॒मं सं॑स्रावणा उ॒त। य॒ज्ञमि॒मं व॑र्धयता गिरः संस्रा॒व्येऽण ह॒विषा॑ जुहोमि ॥२॥पिछलाअगलापूरा अध्याय