ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 18सूक्त 44.80अथर्ववेद 4.80स्व॒धा पि॒तृभ्यो॑ दिवि॒षद्भ्यः॑ ॥८०॥पिछलाअगलापूरा अध्याय