ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 18सूक्त 44.67अथर्ववेद 4.67शुम्भ॑न्तां लो॒काः पि॑तृ॒षद॑नाः पितृ॒षद॑ने त्वा लो॒क आ सा॑दयामि ॥६७॥पिछलाअगलापूरा अध्याय