ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 18सूक्त 44.38अथर्ववेद 4.38इ॒हैवैधि॑ धन॒सनि॑रि॒हचि॑त्त इ॒हक्र॑तुः । इ॒हैधि॑ वी॒र्यऽवत्तरो वयो॒धा अप॑राहतः ॥३८॥पिछलाअगलापूरा अध्याय