ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 18सूक्त 22.52अथर्ववेद 2.52अ॒भि त्वो॑र्णोमि पृथि॒व्या मा॒तुर्वस्त्रे॑ण भ॒द्रया॑ । जी॒वेषु॑ भ॒द्रं तन्मयि॑ स्व॒धा पि॒तृषु॒ सा त्वयि॑ ॥५२॥पिछलाअगलापूरा अध्याय