ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 18सूक्त 22.34अथर्ववेद 2.34ये निखा॑ता॒ ये परो॑प्ता॒ ये द॒ग्धा ये चोद्धि॑ताः । सर्वां॒स्तान॑ग्न॒ आ व॑ह पि॒तॄन् ह॒विषे॒ अत्त॑वे ॥३४॥पिछलाअगलापूरा अध्याय