ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 18सूक्त 11.56अथर्ववेद 1.56उ॒शन्त॑स्त्वेधीमह्यु॒शन्तः॒ समि॑धीमहि । उ॒शन्नु॑श॒त आ व॑ह पि॒तॄन् ह॒विषे॒ अत्त॑वे ॥५६॥पिछलाअगलापूरा अध्याय