ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 16सूक्त 88.104अथर्ववेद 8.104३१। स मृ॒त्योः पड्वी॑शा॒त् पाशा॒न्मा मो॑चि ॥३॥पिछलाअगलापूरा अध्याय