ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 16सूक्त 77.6अथर्ववेद 7.6निर्द्वि॒षन्तं॑ दि॒वो निः पृ॑थि॒व्या निर॒न्तरि॑क्षाद् भजाम ॥६॥पिछलाअगलापूरा अध्याय