ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 16सूक्त 33.6अथर्ववेद 3.6अ॒सं॒ता॒पं मे॒ हृद॑यमु॒र्वी गव्यू॑तिः समु॒द्रो अ॑स्मि॒ विध॑र्मणा ॥६॥पिछलापूरा अध्याय