ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 16सूक्त 11.12अथर्ववेद 1.12शि॒वेन॑ मा॒ चक्षु॑षा पश्यतापः शि॒वया॑ त॒न्वोप॑ स्पृशत॒ त्वचं॑ मे ॥१२॥पिछलाअगलापूरा अध्याय