ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 15सूक्त 66.8अथर्ववेद 6.8तमृच॑श्च॒ सामा॑नि च॒ यजूं॑षि च॒ ब्रह्म॑ चानु॒व्यऽचलन् ॥८॥पिछलाअगलापूरा अध्याय