ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 15सूक्त 66.25अथर्ववेद 6.25स सर्वा॑नन्तर्दे॒शाननु॒ व्यऽचलत् ॥२५॥पिछलाअगलापूरा अध्याय