ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 15सूक्त 66.19अथर्ववेद 6.19सोऽना॑वृत्तां॒ दिश॒मनु॒ व्यचल॒त् ततो॒ नाव॒र्त्स्यन्न॑मन्यत ॥१९॥पिछलाअगलापूरा अध्याय