ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 15सूक्त 22.17अथर्ववेद 2.17स उद॑तिष्ठ॒त् स प्र॒तीचीं॒ दिश॒मनु॒ व्यऽचलत् ॥१७॥पिछलाअगलापूरा अध्याय