ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 15सूक्त 22.14अथर्ववेद 2.14अ॒मा॒वा॒स्याऽ च पौर्णमा॒सी च॑ परिष्क॒न्दौ मनो॑ विप॒थम् ॥१४॥पिछलाअगलापूरा अध्याय