ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 15सूक्त 1818.4अथर्ववेद 18.4अ॒हो॒रा॒त्रे नासि॑के॒ दिति॒श्चादि॑तिश्च शीर्षकपा॒ले सं॑वत्स॒रः शिरः॑ ॥४॥पिछलाअगलापूरा अध्याय