ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 15सूक्त 1313.4अथर्ववेद 13.4ये॒३न्तरि॑क्षे॒ पुण्या॑ लो॒कास्ताने॒व तेनाव॑ रुन्द्धे ॥४॥पिछलाअगलापूरा अध्याय