ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 14सूक्त 22.22अथर्ववेद 2.22यं बल्ब॑जं॒ न्यस्य॑थ॒ चर्म॑ चोपस्तृणी॒थन॑ । तदा रो॑हतु सुप्र॒जा या क॒न्या वि॒न्दते॒ पति॑म् ॥२२॥पिछलाअगलापूरा अध्याय