ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 14सूक्त 11.27अथर्ववेद 1.27अ॒श्ली॒ला त॒नूर्भ॑वति॒ रुश॑ती पा॒पया॑मु॒या। पति॒र्यद् व॒ध्वो॒३वास॑सः॒ स्वमङ्ग॑मभ्यूर्णु॒ते ॥२७॥पिछलाअगलापूरा अध्याय