ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 13सूक्त 88.2अथर्ववेद 8.2भूया॒नरा॑त्याः॒ शच्याः॒ पति॒स्त्वमि॑न्द्रासि वि॒भूः प्र॒भूरिति॒ त्वोपा॑स्महे व॒यम् ॥४७॥पिछलाअगलापूरा अध्याय